Hindi shayariहमको याद नहीं कितने अरसें से हम ख़ामोशी के संग जिये जाते हें । कोई दस्तक ना मिलीं तो तऩहा ही चले जातेहमको याद नहीं कितने अरसें से हम ख़ामोशी के संग जिये जाते हें । कोई दस्तक ना मिलीं तो तऩहा ही चले जाते

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  हमको याद नहीं कितने 
अरसें से हम ख़ामोशी के संग जिये जाते हें । 

कोई दस्तक ना मिलीं

तो तऩहा ही चले जाते हैं।

 💝Hindi shayari 💝zindgi ki raha

💝हम खड़े िजऩदगी की सूनी राहों पर

जिऩदगी तेरे गुज़ार जानें का इंतज़ार करते

कब ख़त्म होंगी सूनी राहें जिऩमें अकेले चला करते।

और तुम चले अाएे बािरशा की बूँदों की तरह

इनको भिगौनें और हम भी मचा ल गाऐ  तेरी महोहॿबत

की बूँदों में िभगान्ें को ।