💝Hindi shayari 💝zindgi ki raha

💝हम खड़े िजऩदगी की सूनी राहों पर

जिऩदगी तेरे गुज़ार जानें का इंतज़ार करते

कब ख़त्म होंगी सूनी राहें जिऩमें अकेले चला करते।

और तुम चले अाएे बािरशा की बूँदों की तरह

इनको भिगौनें और हम भी मचा ल गाऐ  तेरी महोहॿबत

की बूँदों में िभगान्ें को ।